देहरादून में 11 नवंबर से सजेगा पांच दिवसीय गढ़ कौथिग-2026, लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर होगा मेला
क्लेमेन्ट टाउन में उत्तराखंड की लोक परंपराओं, पहाड़ी व्यंजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का होगा संगम
देहरादून। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और पहाड़ी खानपान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गढ़वाल भ्रातृ मंडल संस्था (पंजीकृत), क्लेमेन्ट टाउन देहरादून की ओर से पांच दिवसीय गढ़ कौथिग-2026 का आयोजन 11 से 15 नवंबर तक किया जाएगा। उत्तराखंड राज्य स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी।
संस्था की ओर से जारी अपील के अनुसार, मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित होगा। मेले का आयोजन बेल रोड स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर, क्लेमेन्ट टाउन, देहरादून में किया जाएगा। संस्था इस वर्ष अपने स्वर्णिम 50वें वर्ष तथा उत्तराखंड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 24वें विशाल गढ़ कौथिग का आयोजन कर रही है।
मेले का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस को उत्साहपूर्वक मनाने के साथ प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों और पारंपरिक विरासत का प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण करना है।
गढ़ कौथिग में विभिन्न पर्वतीय एवं स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। गढ़भोज, कचमोली सहित पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद लोगों को आकर्षित करेगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, चरखी और मिक्की माउस जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही तंबोला, लकी ड्रॉ और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का आकर्षण बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक दलों, स्थानीय एवं राज्यस्तरीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में एकल एवं समूह नृत्य तथा गायन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा मां नंदा राजजात प्रदर्शनी और ‘स्वर्ण ज्योति स्मारिका समलोण-2026’ का विमोचन भी प्रस्तावित है।
सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए मेले में महिला सम्मान समारोह, वीर नारियों एवं जवानों का सम्मान, युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और संस्था के संस्थापकों के परिवारों तथा वयोवृद्ध सदस्यों का सम्मान किया जाएगा। राज्य आंदोलनकारियों और देवभूमि उत्तराखंड की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा।
आयोजन के दौरान सैनिक परिवारों एवं वीर नारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर तथा देहरादून के विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की भी योजना है।
संस्था ने समस्त सम्मानित नागरिकों से पांच दिवसीय गढ़ कौथिग में शामिल होकर उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं के उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
