गौचर मेले में पहली बार पांडवाज बैंड की प्रस्तुति, आर्ट गैलरी बनेगी खास आकर्षण
गौचर मेले में इस बार दिखेगा नया अंदाज, आर्ट गैलरी से लेकर फूड कोर्ट तक होंगे खास आकर्षण
**स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मिलेगा अपनी प्रतिभा और हुनर दिखाने का मंच, पांडवाज बैंड पहली बार करेगा मेले में प्रस्तुति**
**कर्णप्रयाग।** उत्तराखंड के प्रसिद्ध गौचर मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार मेले को पहले से अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और जनोपयोगी बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं। मेले में स्थानीय कलाकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ ही शिक्षा, तकनीक, कला, संस्कृति और स्थानीय खानपान को विशेष स्थान दिया जाएगा। यह जानकारी उपजिलाधिकारी एवं मेला अधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौडियाल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान साझा की।
मेला अधिकारी ने बताया कि इस बार गौचर मेले में पहली बार **आर्ट गैलरी के नाम से विशेष स्टॉल** लगाया जाएगा। इसमें क्षेत्र के स्थानीय बच्चों और युवाओं को अपनी बनाई हुई पेंटिंग, स्केच, हस्तशिल्प और अन्य कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाने का अवसर मिलेगा। कलाकार अपनी कलाकृति के साथ अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और उसकी कीमत भी प्रदर्शित कर सकेंगे। यदि कोई व्यक्ति उनकी कलाकृति खरीदता है तो बिक्री की पूरी धनराशि सीधे संबंधित कलाकार को दी जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि मेले में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर भी विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें परियोजना की पूरी जानकारी, निर्माण कार्यों की प्रगति और अब तक हुए कार्यों को चित्रों एवं अन्य माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि मेले में आने वाले लोग इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी प्राप्त कर सकें।
युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस बार विभिन्न कोचिंग संस्थानों, बड़े कॉलेजों, मेडिकल और बीटेक संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों को भी मेले में आमंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित संस्थानों से बातचीत चल रही है, हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। मेला अधिकारी ने बताया कि इसरो के साथ भी बातचीत की जा रही है। यदि इसरो का स्टॉल लगता है तो यह विद्यार्थियों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए विशेष आकर्षण होगा। इसके अलावा इस बार मेले में पुस्तक स्टॉल भी नया आकर्षण रहेगा।
स्थानीय संस्कृति और खानपान को बढ़ावा देने के लिए फूड कोर्ट की तर्ज पर विशेष आयोजन की योजना बनाई जा रही है। इसमें क्षेत्र के पारंपरिक पहाड़ी पकवानों और स्थानीय व्यंजनों को स्थान दिया जाएगा, ताकि मेले में आने वाले लोग उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकें।
मेला अधिकारी ने बताया कि इस बार मेले के लेआउट में भी बदलाव किया गया है। पिछले कई वर्षों से चले आ रहे लेआउट को बदलते हुए अधिकतर दुकानों को खुले स्थानों पर व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है। साथ ही मेले के क्षेत्रफल को भी बढ़ाया जा रहा है, ताकि दुकानदारों, कलाकारों और अन्य प्रतिभागियों को पर्याप्त जगह मिल सके। मेले में अधिक संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी उसी अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर उन्होंने बताया कि चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद के कई स्थानीय कलाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है। कलाकारों की अंतिम सूची एक विशेषज्ञ समिति तैयार करेगी। समिति की संस्तुति के बाद ही कलाकारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। वहीं, इस बार स्टार कलाकारों में प्रसिद्ध **पांडवाज बैंड** को आमंत्रित किया गया है। मेला अधिकारी के अनुसार गौचर मेले में पांडवाज बैंड पहली बार अपनी प्रस्तुति देगा।
मेले के दौरान हर वर्ष सामने आने वाली पार्किंग की समस्या के समाधान को लेकर भी इस बार विशेष व्यवस्था की जा रही है। मेला अधिकारी ने बताया कि रेलवे के पार्किंग स्थल को विकसित कर वहां वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इससे पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा।
अंत में मेला अधिकारी अलकेश नौडियाल ने क्षेत्रवासियों, व्यापारियों, कलाकारों और आमजन से गौचर मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने, सहयोग देने और मेले का आनंद लेने की अपील की।
