डीएम के तेवर सख्त: पोखरी ब्लॉक कार्यालय में अव्यवस्था देख बिफरे जिलाधिकारी।


जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत पोखरी न्याय पंचायत किमोठा में आयोजित शिविर के उपरांत देर सायं पोखरी स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय, न्यायालय एवं खण्ड विकास कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अनुभागों की गहन समीक्षा की। उपजिलाधिकारी कार्यालय एवं न्यायालय की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। वहीं खण्ड विकास कार्यालय पोखरी के निरीक्षण के दौरान संबंधित अनुभागों के अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने कार्यों की संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को फटकार लगाते हुए कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा शासकीय कार्यों को नियमानुसार संपादित करने के सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यालयाध्यक्ष का मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाना होना चाहिए। यदि कोई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रही है या नियमों के विपरीत है, तो उसे तत्काल ठीक किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की उपस्थिति, फाइलों के निस्तारण की स्थिति एवं न्यायालय में लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की गई तथा विचाराधीन वादों की प्रगति का अवलोकन किया गया।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तहसील परिसर में कर्मचारी आवास, गैराज एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए भूमि चिन्हित कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि शासन को प्रस्ताव भेजा जा सके। साथ ही उन्होंने राजस्व वसूली में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर, समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, समयपालन और जिम्मेदारी सर्वोपरि होनी चाहिए।