चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है

। जिला मुख्यालय गोपेश्वर से लगे गोपेश्वर-घिगरान मोटर मार्ग पर ब्रह्मसेन के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने से मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क बंद होने से दर्जनों गांवों की आवाजाही प्रभावित है। वहीं, सड़क के आसपास रहने वाले कई परिवारों के आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी ट्रीटमेंट की मांग की है।

:हर वर्ष बरसात के दौरान चमोली जिले में करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। कई गांव और घर बारिश के बाद होने वाले भूस्खलन और भू-धंसाव की चपेट में आ जाते हैं। ऐसा ही मामला जिला मुख्यालय गोपेश्वर से लगे ब्रह्मसेन क्षेत्र में सामने आया है।

गोपेश्वर-घिगरान मोटर मार्ग पर पिछले एक वर्ष से लगातार भू-धंसाव हो रहा था। प्रशासन की ओर से इसके ट्रीटमेंट के लिए कुछ वैकल्पिक कार्य भी किए गए, लेकिन इस वर्ष लगातार हो रही बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो दर्जनों परिवारों के घरों और आसपास के प्रतिष्ठानों पर खतरा बढ़ सकता है। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

:भू-धंसाव के चलते आसपास रहने वाले लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। आपदा प्रभावित योग सेमवाल ने बताया कि उनका घर और व्यापारिक प्रतिष्ठान का स्टोर इसी क्षेत्र में है, जो लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव की जद में आ रहा है।उन्होंने बताया कि इसी प्रतिष्ठान से लंबे समय से कई लोगों का रोजगार संचालित होता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्हें अपने प्रतिष्ठान और आसपास के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचने की आशंका सता रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

 

:वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि सरकार लोगों की चिंता को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए जल्द प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

:आपदा पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भू-धंसाव से प्रभावित इस क्षेत्र के ट्रीटमेंट के कार्य में तेजी लाई जाएगी। सरकार की ओर से जो भी सहयोग आवश्यक होगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा।