*श्री भोले जी महाराज के पावन जन्मोत्सव में उमड़ा भक्तों का सैलाब*

 

*नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में 3300 लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ*

 

नई दिल्ली। आध्यात्मिक गुरु एवं द हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत श्री भोले जी महाराज का पावन जन्मोत्सव श्री हंसलोक आश्रम, दिल्ली में बड़ी ही श्रद्धा, प्रेम, समर्पण और भक्तिभाव‌ के साथ मनाया गया। हंस ज्योति-ए यूनिट आफ हंस कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशाल जनकल्याण समारोह में देश-विदेश से श्रद्धालु-भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस मौके पर अनेक धर्माचार्यों, सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों तथा गणमान्य लोगों ने श्री भोले जी महाराज को पावन जन्मोत्सव पर उनके उत्तम स्वास्थ्य, यशस्वी और दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं।

 

आध्यात्मिक विभूति माता श्री मंगला जी ने अपने परिवार, समस्त साधु-संतों और भक्तजनों की ओर से श्री भोले जी महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यथा नाम तथा गुण के अनुसार श्री भोले जी महाराज का जीवन बहुत ही सरल, सौम्य एवं सादगीपूर्ण है। भोलापन उनके व्यकित्त्व में स्पष्ट झलकता है। वे भक्तों को हमेशा सत्संग, ज्ञान, भजन और सेवा की प्रेरणा देते है।

 

माताश्री मंगला जी ने कहा कि श्री भोले जी महाराज को अध्यात्म ज्ञान और मानव सेवा की शिक्षा योगीराज श्री हंस जी महाराज एवं माता श्री राजेश्वरी देवी जी से मिली। वे दोनों महापुरुष आध्यात्मिक थे। आज उन्हीं की आशीर्वाद से श्री भोले जी महाराज के मार्गदर्शन में द हंस फाउंडेशन द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शुद्ध पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वरोजगार तथा हंस गौशालाओं आदि सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। समारोह में द हंस फाउंडेशन, हंस कलचरल सेंटर और श्री हंसलोक जनकल्याण समिति द्वारा देशभर में किये जा रहे आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों की डोक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

 

समारोह के दौरान अनुभवी एवं कुशल डाक्टरों के मार्ग दर्शन में 25 से 27 जुलाई तक तीन दिवसीय नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। इस शिविर से 3300 लोगों ने नि:शुल्क डाक्टरी परामर्श और दवाइयां लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। श्री हंसलोक आश्रम में श्रद्धालु-भक्तों के लिए विशाल भंडारा का भी आयोजन किया गया।

 

समारोह में देश के विभिन्न तीर्थों से आये आत्म अनुभवी साधु-संतों ने भी लोगों को सत्संग की गंगा में डुबकी लगवाकर उन्हें ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। भजन गायकों ने आदि शक्ति मां जगदम्बा, भगवान शिव, गुरु महाराज एवं सत्संग की महिमा से जुड़े सुमधुर भजनों की प्रस्तुति कर लोगों को आनंद एवं भक्ति रस से सराबोर कर दिया।